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बीए सेमेस्टर-3 मनोविज्ञान

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2022
पृष्ठ :160
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2647
आईएसबीएन :0

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बीए सेमेस्टर-3 मनोविज्ञान सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- सामाजिक पूर्वाग्रहों की प्रवृत्ति की संक्षिप्त रूप में विवेचना कीजिए। इसके हानिकारक प्रभावों को किस प्रकार दूर किया जा सकता है? उदाहरण देकर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिये।

अथवा
पूर्वाग्रह किसे कहते हैं? इसके कौन-कौन से कारक हैं?
अथवा
पूर्वाग्रह को परिभाषित कीजिये। पूर्वाग्रह को कम करने की कुछ तकनीकों का वर्णन कीजिये।

सम्बन्धित लघु प्रश्न
1. पूर्वाग्रह के उपार्जन से क्या तात्पर्य है?
2. पूर्वाग्रह के सामाजिक कारण बताइये।
3. पूर्वाग्रह के मनोवैज्ञानिक कारक बताइये।
4. पूर्वाग्रह को कम करने के तरीके बताइये।
5. पूर्वाग्रह को कैसे कम कर सकते हैं?
6. पूर्वाग्रह को कम करने के लिए कुछ कार्यक्रमों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर -

पूर्वाग्रह का अर्थ एवं परिभाषा
(Meaning and Definition of Prejudice)

पूर्वाग्रह शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के Prejudicium शब्द से हुई है। इसका तात्पर्य पूर्व निर्णय हैं। इसके शाब्दिक अर्थ को ध्यान में रखते हुए यह कह सकते हैं कि पूर्वाग्रह से तात्पर्य व्यक्ति के किसी वस्तु, घटना तथा अन्य व्यक्ति के बारे में पूर्व निर्णय से होता है। पूर्वाग्रह को विभिन्न विद्वानों ने भिन्न-भिन्न रूप में परिभाषित किया है, जिनमें से कुछ प्रमुख परिभाषायें निम्नलिखित हैं-

आलपोर्ट (Allport, 1954) के अनुसार, "यह एक प्रकार का ऐसा विरोधी भाव है जो दोषपूर्ण एवं अन्य सामान्यीकरणों पर आधारित होता है। इसकी अनुभूति या अभिव्यक्ति की जा सकती है। यह किसी पूरे समूह या किसी व्यक्ति के प्रति निर्देशित होता है क्योंकि वह उस समूह का सदस्य होता है।'

शेरिफ एवं शेरिफ (Sherif and Sherit, 1969) के अनुसार, “किसी समूह के सदस्यों द्वारा मानकों से उत्पन्न किसी दूसरे समूह के प्रति निर्मित अभिवृत्ति को पूर्वाग्रह कहते हैं "

पूर्वाग्रह का विकास एवं कारण
(Development and Causes of Prejudice)

पूर्वाग्रह के अनेक कारण होते हैं। मायर्स (1988) के अनुसार इनमें सामाजिक कारणों का अधिक योगदान है। पूर्वाग्रह के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-

सामाजिक कारण (Social Causes) - पूर्वाग्रह के प्रमुख सामाजिक कारण निम्नलिखित हैं-

(i) सामाजिक असमानता (Social Inequality) - पूर्वाग्रह के निर्माण में सामाजिक असमानता का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रायः अमीर लोग गरीबों को अभद्र एवं भ्रष्ट मानते हैं जबकि गरीब लोग अमीरों को शोषण करने वाला मानते हैं।

(ii) सामाजिक अधिगम (Social Learning) - पूर्वाग्रह के विकास में सामाजिक अधिगम की महती भूमिका होती है। प्रत्येक समाज में दूसरे वर्ग के प्रति बहुत सी गलत धारणाएँ होती हैं जिनका हस्तान्तरण पीढ़ी-दर-पीढ़ी होता है।

(iii) संस्कृति एवं धर्म (Culture and Religion) - व्यक्ति अपनी संस्कृति तथा धर्म को श्रेष्ठ मानता है तथा दूसरे की संस्कृति एवं धर्म को खराब मानता है। इससे पूर्वाग्रह के निर्माण में सहायता होती है। धार्मिक नेता अपने अनुयायियों के मध्य दूसरे के धर्म के प्रति असहिष्णुता, दूरी तथा असामन्जस्य पैदा करते हैं। प्रायः धर्मावलम्बी धर्म के प्रति पूर्वाग्रह को प्रोत्साहित करते हैं।

(iv) अनुरूपता (Conformity) - लोग सामाजिक अनुरूपता के कारण पूर्वाग्रहों का विकास कर लेते हैं और उन्हीं के अनुरूप व्यवहार करते हैं।

(v) संस्थागत समर्थन ( Institutional Support ) - जिस समूह में जिस प्रकार के पूर्वाग्रह प्रचलित होते हैं उन्हें उस समूह के नेता एवं सदस्यों का समर्थन मिलता है। इससे अन्य लोग भी इस पूर्वाग्रह के प्रभाव में रहते हैं।

2. मनोवैज्ञानिक कारक (Psychological Factors) - पूर्वाग्रह के प्रमुख मनोवैज्ञानिक कारण निम्नलिखित हैं-

(i) नैराश्य एवं आक्रामकता (Frustration and Aggression) - कुंठा से पूर्वाग्रह का विकास होता है। दो वर्गों में कहासुनी हो जाने पर तनाव तथा संघर्ष उत्पन्न हो जाता है। किसी इच्छित चीज से वंचित हो जाने पर निराशा के भाव की उत्पत्ति होती है। इससे संबंधित व्यक्ति के प्रति पूर्वाग्रह पैदा हो जाता है।

(ii) अघातजन्य अनुभव (Traumatic Experiences) - पूर्वाग्रह के निर्माण में व्यक्ति के कष्टप्रद अनुभव का भी योगदान होता है, जैसे- भारत के बँटवारे के समय हुए खून- खराबे के कारण लोगों के दिल दहल गये। परिणामस्वरूप भारत व पाकिस्तान के नागरिकों के मध्य पूर्वाग्रह विकसित हो गये।

(iii) व्यक्तित्व गतिकी (Personality Dynamics) - पूर्वाग्रह के निर्माण में व्यक्तित्व विशेषताओं का विशेष योगदान होता है। रूढ़िवादी और संकीर्ण विचारों वाले लोग पूर्वाग्रह का निर्माण अधिक करते हैं। पूर्वाग्रह के निर्माण में निम्नलिखित दो कारक महत्वपूर्ण योगदान रखते हैं

(a) निरकुंश व्यक्तित्व (Authoritarian Personalilty - निरंकुश व्यक्तित्व के लोगों में पूर्वाग्रह की मात्रा अधिक होती है। अध्ययनों से पता चलता है कि निरंकुश व्यक्ति कठोर आक्रमण, प्रभुत्व-पसन्द तथा दण्डात्मक मानसिकता आदि विशेषताओं से युक्त होते हैं।

(b) स्थिति एवं तादात्मीकरण की इच्छा (Status and Indentification Need) - यदि किसी व्यक्ति को अपने समूह के साथ  में विशेष स्थिति प्राप्त हो तो वह अपने समूह तादात्मीकरण रखने लगता है एवं अन्य समूहों के लोगों से भेदभाव एवं ईर्ष्या रखने लगता है।

पूर्वाग्रहों को रोकने या कम करने का उपाय
(Means of Preventing or Reducing Prejudices)

पूर्वाग्रह को कम करने या रोकने के निम्नलिखित उपाय हैं -

1. अन्तर समूह सम्पर्क ( Inter-group Contact) - आलपोर्ट 1954 सबसे पहले मनोवैज्ञानिक थे जिन्होंने उचित सम्पर्क द्वारा पूर्वाग्रह को कम करने की विधि पर बल डाला। विभिन्न वर्गों के बीच व्याप्त पूर्वाग्रह को कम करने का यह एक उत्तम तरीका है। लोग सम्पर्क में आकर एक-दूसरे को समझते हैं और गलतफहमियाँ दूर होती हैं। अन्तर- समूह सम्पर्क निम्नलिखित तीन परिस्थितियों में अधिक प्रभावकारी होता है -

(i) जब दोनों समूहों के सदस्यों को समान स्तर प्राप्त होता है।
(ii) जब दोनों समूहों के बीच सतही सम्पर्क न होकर वास्तविक एवं घनिष्ठ सम्बन्ध होता है।
(iii) जब दोनों समूहों की सफलता पारस्परिक क्रियाओं पर निर्भर करती है।

2. असंगत भूमिकायें ( Incongruent Role) - व्यक्ति जो भी भूमिका निभाता है उससे उसकी प्रत्याशायें जुड़ी होती हैं। यदि उसे अस्वाभाविक भूमिका में रखा जाय तो उससे असहमत होने पर भी व्यक्ति उसके अनुरूप व्यवहार करेगा। इससे पूर्वाग्रह घटेगा।

3. समूह सदस्यता में परिवर्तन (Changes in Membership) - यदि व्यक्ति को उस समूह का सदस्य बना दिया जाय जिसके प्रति उसकी नकारात्मक भावनाएँ हैं तो पूर्वाग्रह कम होगा।

4. अन्तराश्रित व्यवहार (Inter-dependent Behaviour) - यदि दो समूह के सामने उभयनिष्ठ लक्ष्य प्राप्त करने की स्थिति पैदा कर दी जाय एवं पारस्परिक सहयोग की भावना में वृद्धि की जाय तो दोनों समूहों में पूर्वाग्रह कम होगा।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान के कार्यक्षेत्र की व्याख्या करें।
  2. प्रश्न- सामाजिक व्यवहार के स्वरूप की व्याख्या कीजिए।
  3. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान की परिभाषा दीजिए। इसके अध्ययन की दो महत्वपूर्ण विधियों पर प्रकाश डालिए।
  4. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान की प्रयोगात्मक विधि से क्या तात्पर्य है? सामाजिक परिवेश में इस विधि की क्या उपयोगिता है?
  5. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान की निरीक्षण विधि का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये।
  6. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान में सर्वेक्षण विधि के महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
  7. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान में क्षेत्र अध्ययन विधि से आप क्या समझते हैं? इसके प्रकार तथा गुण दोषों पर प्रकाश डालिए।
  8. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान को परिभाषित कीजिए। इसकी प्रयोगात्मक तथा अप्रयोगात्मक विधियों की विवेचना कीजिए।
  9. प्रश्न- अन्तर- सांस्कृतिक शोध विधि क्या है? इसके गुण-दोषों का वर्णन कीजिए।
  10. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान की आधुनिक विधियों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  11. प्रश्न- सामाजिक व्यवहार के अध्ययन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
  12. प्रश्न- समाज मनोविज्ञान के महत्व पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  13. प्रश्न- अर्ध-प्रयोगात्मक विधि का वर्णन कीजिये।
  14. प्रश्न- क्षेत्र अध्ययन विधि तथा प्रयोगशाला प्रयोग विधि का तुलनात्मक अध्ययन कीजिये।
  15. प्रश्न- समाजमिति विधि के गुण-दोष बताइये।
  16. प्रश्न- निरीक्षण विधि पर टिप्पणी लिखिये।
  17. प्रश्न- व्यक्ति प्रत्यक्षीकरण का अर्थ स्पष्ट करते हुए उसके स्वरूप को समझाइए।
  18. प्रश्न- प्रभावांकन के साधन की व्याख्या कीजिए तथा यह किस प्रकार व्यक्ति प्रत्यक्षीकरण में सहायक है? स्पष्ट कीजिए।
  19. प्रश्न- दूसरे व्यक्तियों के बारे में हमारे मूल्यांकन पर उस व्यक्ति के व्यवहार का क्या प्रभाव पड़ता है? स्पष्ट कीजिए
  20. प्रश्न- व्यक्ति प्रत्यक्षीकरण से आप क्या समझते हैं? यह जन्मजात है या अर्जित? विवेचना कीजिए।
  21. प्रश्न- चित्रीकरण करना किसे कहते हैं?
  22. प्रश्न- अवचेतन प्रत्यक्षण किसे कहते हैं?
  23. प्रश्न- सामाजिक प्रत्यक्षण पर संस्कृति का क्या प्रभाव पड़ता है?
  24. प्रश्न- छवि निर्माण किसे कहते हैं?
  25. प्रश्न- आत्म प्रत्यक्षण किसे कहते हैं?
  26. प्रश्न- व्यक्ति प्रत्यक्षण में प्रत्यक्षणकर्ता के गुणों पर प्रकाश डालिए।
  27. प्रश्न- प्रत्यक्षपरक सुरक्षा किसे कहते हैं?
  28. प्रश्न- सामाजिक अनुभूति क्या है? सामाजिक अनुभूति का विकास कैसे होता है?
  29. प्रश्न- स्कीमा किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार का होता है?
  30. प्रश्न- सामाजिक संज्ञानात्मक के तहत स्कीमा निर्धारण की प्रक्रिया कैसी होती है? व्याख्या कीजिए।
  31. प्रश्न- बर्नार्ड वीनर के गुणारोपण सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए।
  32. प्रश्न- केली के सह परिवर्तन गुणारोपण सिद्धान्त की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
  33. प्रश्न- क्या स्कीमा स्मृति को प्रभावित करता है? अपने विचार व्यक्त कीजिए।
  34. प्रश्न- क्या सामाजिक अनुभूति में सांस्कृतिक मतभेद पाए जाते हैं?
  35. प्रश्न- स्कीम्स (Schemes) तथा स्कीमा (Schema) में क्या अन्तर है? स्पष्ट कीजिए।
  36. प्रश्न- मनोवृत्ति से आप क्या समझते हैं? इसके घटकों को स्पष्ट करते हुए इसकी प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
  37. प्रश्न- अभिवृत्ति निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए अभिवृत्ति में परिवर्तन लाने के उपायों का वर्णन कीजिए।
  38. प्रश्न- मनोवृत्ति परिवर्तन में हाईडर के संतुलन सिद्धान्त की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
  39. प्रश्न- संज्ञानात्मक अंसवादिता से आप क्या समझते हैं? फेसटिंगर ने किस तरह से इसके द्वारा मनोवृत्ति परिवर्तन की व्याख्या की?
  40. प्रश्न- मनोवृत्ति की परिभाषा दीजिए। क्या इसका मापन संभव है? अभिवृत्ति मापन की किसी एक विधि की विवेचना कीजिए।
  41. प्रश्न- मनोवृत्ति मापन में लिकर्ट विधि का मूल्यांकन कीजिए।
  42. प्रश्न- मनोवृत्ति मापन में बोगार्डस विधि के महत्व का वर्णन कीजिए।
  43. प्रश्न- अभिवृत्ति मापन में शब्दार्थ विभेदक मापनी का वर्णन कीजिए।
  44. प्रश्न- अभिवृत्ति को परिभाषित कीजिए। अभिवृत्ति मापन की विधियों का वर्णन कीजिए।
  45. प्रश्न- मनोवृत्ति को परिभाषित कीजिए। मनोवृत्ति के निर्माण को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
  46. प्रश्न- अन्तर्वैयक्तिक आकर्षण क्या है? इसके स्वरूप तथा निर्धारकों का वर्णन कीजिए।
  47. प्रश्न- अभिवृत्ति के क्या कार्य हैं? लिखिए।
  48. प्रश्न- अभिवृत्ति और प्रेरणाओं में अन्तर समझाइये।
  49. प्रश्न- अभिवृत्ति मापन की कठिनाइयों का उल्लेख कीजिए।
  50. प्रश्न- थर्स्टन विधि तथा लिकर्ट विधि का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
  51. प्रश्न- उपलब्धि प्रेरक पर प्रकाश डालिए।
  52. प्रश्न- अन्तर्वैयक्तिक आकर्षण में वैयक्तिक कारकों की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
  53. प्रश्न- “अन्तर्वैयक्तिक आकर्षण होने का एक मुख्य आधार समानता है।" विवेचना कीजिए।
  54. प्रश्न- आक्रामकता को स्पष्ट कीजिए एवं इसके प्रकारों का वर्णन कीजिए।
  55. प्रश्न- क्या आक्रामकता जन्मजात होती है? एक उपयुक्त सिद्धान्त द्वारा इसकी आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
  56. प्रश्न- कुंठा आक्रामकता सिद्धान्त की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
  57. प्रश्न- क्या आक्रामकता सामाजिक रूप से एक सीखा गया व्यवहार होता है? एक उपयुक्त सिद्धान्त द्वारा इसकी आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
  58. प्रश्न- आक्रामकता के प्रमुख सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।
  59. प्रश्न- कुंठा-आक्रामकता सिद्धान्त को बताइए।
  60. प्रश्न- आक्रामकता को उकसाने वाले प्रमुख कारकों का वर्णन कीजिए। अपने उत्तर के पक्ष में प्रयोगात्मक साक्ष्य भी दें।
  61. प्रश्न- मानवीय आक्रामकता के वैयक्तिक तथा सामाजिक निर्धारकों का वर्णन कीजिए।
  62. प्रश्न- समाजोपकारी व्यवहार का अर्थ और इसके निर्धारकों पर एक निबन्ध लिखिए।
  63. प्रश्न- प्रतिसामाजिक व्यवहार का स्वरूप तथा विशेषताएँ बताइये।
  64. प्रश्न- सहायतापरक व्यवहार के सामाजिक व सांस्कृतिक निर्धारक का वर्णन कीजिए।
  65. प्रश्न- परोपकारी व्यवहार को किस प्रकार उन्नत बनाया जा सकता है?
  66. प्रश्न- सहायतापरक व्यवहार किसे कहते हैं?
  67. प्रश्न- सहायतापरक व्यवहार के निर्धारकों का वर्णन कीजिए।
  68. प्रश्न- अनुरूपता से क्या आशय है? अनुरूपता की प्रमुख विशेषताएँ बताते हुए इसको प्रभावित करने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।
  69. प्रश्न- अनुरूपता के सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए।
  70. प्रश्न- पूर्वाग्रह की उपयुक्त परिभाषा दीजिये तथा इसकी प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए। पूर्वाग्रह तथा विभेद में अन्तर बताइये।'
  71. प्रश्न- सामाजिक पूर्वाग्रहों की प्रवृत्ति की संक्षिप्त रूप में विवेचना कीजिए। इसके हानिकारक प्रभावों को किस प्रकार दूर किया जा सकता है? उदाहरण देकर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिये।
  72. प्रश्न- पूर्वाग्रह कम करने की तकनीकें बताइए।
  73. प्रश्न- पूर्वाग्रह से आप क्या समझते हैं? इसकी विशेषताओं एवं स्रोतों का वर्णन कीजिए।
  74. प्रश्न- आज्ञापालन (Obedience) पर टिप्पणी लिखिये।
  75. प्रश्न- दर्शक प्रभाव किसे कहते हैं?
  76. प्रश्न- पूर्वाग्रह की प्रकृति एवं इसके संघटकों की विवेचना कीजिए।
  77. प्रश्न- पूर्वाग्रह के प्रमुख प्रकारों का वर्णन कीजिए।
  78. प्रश्न- पूर्वाग्रह के नकारात्मक प्रभाव का वर्णन कीजिये।
  79. प्रश्न- पूर्वाग्रह के विकास और सम्पोषण में निहित प्रमुख संज्ञानात्मक कारकों का वर्णन कीजिए।
  80. प्रश्न- पूर्वाग्रह एवं विभेदन को कम करने के लिये कुछ कार्यक्रमों की व्याख्या कीजिए।
  81. प्रश्न- समूह समग्रता से आप क्या समझते हैं? समूह समग्रता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों का वर्णन कीजिये।
  82. प्रश्न- समूह मानदंड क्या है? यह किस प्रकार से समूह के लिए कार्य करते हैं?
  83. प्रश्न- समूह भूमिका किस प्रकार अपने सदस्यों के लिए कार्य करती है? स्पष्ट कीजिए।
  84. प्रश्न- निवैयक्तिकता से आप क्या समझते हैं? प्रयोगात्मक अध्ययनों से निवैयक्तिकता की प्रक्रिया पर किस तरह का प्रकाश पड़ता है?
  85. प्रश्न- “सामाजिक सरलीकरण समूह प्रभाव का प्रमुख साधन है। व्याख्या कीजिए।
  86. प्रश्न- “निर्वैयक्तिता में व्यक्ति अपनी आत्म- अवगतता खो देता है। इस कथन की व्याख्या कीजिए।
  87. प्रश्न- समूह के प्रकार बताइये।
  88. प्रश्न- सामाजिक श्रमावनयन से आप क्या समझते हैं? इसके कारणों का उल्लेख कीजिए और इसे किस तरह से कम किया जा सकता है? विवेचना कीजिए।
  89. प्रश्न- आज्ञापालन (Obedience) पर टिप्पणी लिखिये।
  90. प्रश्न- समूह निर्णय पर टिप्पणी लिखिये।
  91. प्रश्न- सामाजिक श्रमावनयन पर टिप्पणी लिखिये।
  92. प्रश्न- समूह की संरचना पर टिप्पणी लिखिये।

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